सीने में जलन आंखों में तूफ़ान सा क्यूं है
इस शहर में हर शख्श परेशान सा क्यूं है

फोटो-कविता:"तलाश"

  • "तलाश"
    जिंदगी की शुरुआत
    एक अनवरत तलाश
कचरे के ढेर पर ,पाॅलिथिन की पन्नियों में
मिल जाती हैं रोटियाँ ,
और
बीमारियों के विषाणु
यह तलाश जाने कब से जारी है
कविता:गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" फोटो:संतराम चौधरी,