पालने से पालकी तक :चित्रावली




6 टिप्‍पणियां:

  1. हर जगह पैसा ही पैसा...

    गणतंत्र दिवस की शुभकामनाऐं

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  2. योजना का अच्छा चित्र प्रस्तुतिकरण.

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  3. गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

    ---आपका हार्दिक स्वागत है
    गुलाबी कोंपलें

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  4. सुंदर प्रस्तुती....आभार

    Regards

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कँवल ताल में एक अकेला संबंधों की रास खोजता !
आज त्राण फैलाके अपने ,तिनके-तिनके पास रोकता !!
बहता दरिया चुहलबाज़ सा, तिनका तिनका छिना कँवल से !
दौड़ लगा देता है पागल कभी त्राण-मृणाल मसल के !
सबका यूं वो प्रिय सरोज है , उसे दर्द क्या कौन सोचता !!