मातृत्व एवम न्यायपूर्ण के पथ से स्वर्ग का रास्ता..!


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तुम्हारे ईश्वर तुम ईश्वर के साथ ही हैं तुम ईश्वर के साथ कब कब हो बताओ...!
वन वन भटकते रहे कुछ योगियों ने अहर्निश प्रभू से साक्षात्कार की उम्मीद की थी । 20 बरस बीतते बीतते वे धीरे धीरे परिपक्व उम्र के हो गए ! 
कुछ तो मृत्यु की बाट जोह रहे थे । पर प्रभू नज़र न आए । नज़र आते कैसे उनके मन में सर्वज्ञ होने का जो भरम था । श्रेष्ठतम होने का कल्ट (लबादा) ओढ़कर घूम रहे थे । कोई योग में निष्णात था तो कोई अदृश्य होने की शक्ति से संपृक्त था । किसी को वेदोपनिषद का भयंकर ज्ञान था तो कोई बैठे बैठे धरा से सौर मंडल की यात्रा पर सहज ही निकल जाता था । 
  परमज्ञानीयों में से एक ज्ञानी अंतिम सांस गिन रहा था । तभी आकाश से एक  यान आया ।और योगियों के जत्थे के पास की आदिम जाति की बस्ती की एक झोपड़ी के सामने उतरा। 
 यान को देख सारे योगी सोचने लगे लगता है कि यान के चालक को भरम हुआ है। इंद्र के इस यान को कोई मूर्ख देवता चला रहा है शायद सब दौड़ चले  यान के पास खड़े होकर बोले - है देव्, योगिराज तो कुटिया में अंतिम सांसे गिन रहे हैं । आप वहीं चलिए । 
देव् ने कहा- हे ऋषियों, मैं दीनू और उसकी अर्धांगिनी को लेने आया हूँ। 
महायोगी के लिए यम ने कोई और व्यवस्था की होगी । 
ऋषियों के चेहरे उतरते देख देव् ने कहा - इस दम्पत्ति में  पत्नि ने ता उम्र मातृत्व धर्म का पालन किया है । स्वयम विष्णु ने इसे देवत्व सम्मान के साथ आहूत किया । 
और दीनू..?
देव्- उसने सदा ही निज धर्म का पालन किया । मिल बांट कर कुटुंब के हर व्यक्ति को समान रूप से धन धान्य ही नहीं प्रेम का वितरण भी किया । 
अतः मैं देवराज इंद्र की यम से हुई चर्चानुसार आया हूँ ।
पूरी दुनिया भर का ज्ञात अज्ञात अध्यात्म एक पल में समझ में आ गया ऋषियों को । 
 ( न स्वर्ग है नर्क है यहां केवल सांकेतिक रूप से मातृत्व और कौटुंबिक न्याय का महत्व समझाने के लिए कथा की रचना की गई है )

बिटक्वाइन की वजह से ₹ 872,871.30 का घाटा हुआ मुझे ?

राम धई.. बिस्वास न करहौ हमें ₹ 872,871.3 को घाट या लग  गओ बड्डे

2009 में इसके बिटक्वाइन के विज्ञापनों को सिर्फ इस लिए ब्लॉक कर दिया कि वे एक क्वाइन के बदले ₹100  मांग रहे थे । जान न पहचान विज्ञापन के ज़रिए मेलबॉक्स में खड़े मेहमान ... एक दिन स्पैमर रिपोर्ट कर  दिया फिर ब्लाक कर दिया । भारतीय गृहस्थ बेहतरीन अर्थशास्त्री होता है ठीक हम भी सबके जैसेईच्च ठहरे । 
 100 रुपए भी क्यों वेस्ट करूं ? एक एक पैसा कीमती है मानकर और आभासी दुनिया पर घोर अविश्वास के चलते हमने इसे प्रमोट करने वालों की आई डी ब्लॉक कर रखीं थीं । 2017 एवम 18 में पता चला कि वर्चुअल करेंसी भारत में क़ानूनी खांचे में हैं सुनकर मन ही मन खुशी हुई । वास्तविकता क्या थी हमें तब नहीं मालूम था । 
अक्सर अत्यधिक भय और क्रिएटेड एनवायरमेंट के कारण हम सभी ऐसे पचड़ों में नहीं फंसते । फंसना भी नहीं चाहिए । तब किसी को भी पता न था कि क्रिप्टो करेंसी क्या बला है । अपने अमिताबच्चन अरे बड्डे अमिताभ बच्चन ने खरीदे थे बिटक्वाइन अरबपति की सीमा रेखा (वो वाली नईं..!) लांघने वाले हैं । 
  देखो भैया अब एक बिटक्वाइन की कीमत मालूम है तो एक बिटक्वाइन का मूल्य है ₹ 872971.30 
अर्थात हम 872,871.3 का घाटा खाए बैठे हैं । बड्डे बताओ हमसे ज़्यादा दुःखी को को सकता है...? नहीं न फिर भी हम मज़ेदार ज़िंदगी जी रहे हैं ...! 
कोई शक...?