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पाकिस्तानी सेना ने बलोच महिलाओं महिलाओं को अगवा करना शुरू कर दिया है ? #savebalochwomen

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पाकिस्तान आर्मी बलूच महिलाओं को भी अगवा करने लगी है? इस बात की पतासाजी करने पर पता चलता है कि बलूच एक्टिविस्ट इन दिनों एक # चला रहे हैं - "#savebalochwomen" एएनआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तान में इन दिनों बलूच महिलाओं को पाकिस्तानी आर्मी द्वारा बंधक बनाकर अज्ञात जगह पर ले जाया जाने लगा है । इस संदर्भ में ट्विटर स्पेस पर चर्चा करते हुए बलोच एक्टिविस्ट हमीदा ने बताया कि-" शहजादी नामक एक ऐसी महिला है जिसका 6 दिन का बच्चा है उसे भी अगवा किया गया है, इसके अलावा हबीबा नूरजहां शाहबानो आदि महिलाओं को भी अगवा करने तथा लापता करने के समाचार ज्ञात होते हैं।    इस संबंध में पश्चिमी देशों के मीडिया में पाकिस्तान में महिलाओं के अधिकार के उल्लंघन को लेकर कोई रिपोर्ट पेश नहीं की गई। भारत में जरा जरा सी घटनाओं को लेकर बीबीसी लंबी चौड़ी रिपोर्ट पेश करने में संकोच नहीं करता परंतु आज पिछले 1 हफ्ते से पाकिस्तान में हो रही महिलाओं के आर्मी द्वारा अपहरण पर बीबीसी जैसा मीडिया घराना चुप क्यों है?    बलूचिस्तान की आजादी के एक्टिविस्ट  ट्विटर पर #savebalochwomen अभियान चला

human rights crisis in pakistan

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Pakistan is a country where the condition of  minorities such as Hindu, Christian, Sikh and tribal populations and tribes, Hazara Baloch and Sindhi as well as Mujahirs is very poor .There are also cases of misbehavior by the Punjabis of Pakistan.     Recall the situation in West Pakistan in 1971. The way Bengali Muslims were pushed into the negative atmosphere by the people of Punjab province was sad.   Sheikh Mujib ur Rehman was supported by the then Prime Minister Smt. Indira Gandhi, due to the large number of refugees coming to India.The mob coming from West Pakistan tried to ruin the economy of India.Supporting the Mukti Bahini .  full of human compassion, liberated West Pakistan as Bangladesh and freed the people of that country from severe tension.     Pakistan, being a part of India, teaches enmity against India to its generation. The ideology of Pakistan against Hindus and Sikhs is dangerous.  Readers,     Pakistan was not a peace loving nation and neither did Pakis

The Pakistani administration is at number one in Baloch human rights abuses.

Nadir Baloch tweeted today what is the scene of how young Baloch students are kidnapped openly in Pakistan। This is happening not only with the Baloch in Pakistan, but the freedom fighters of the sindhu desh  are also tortured in the same way. Link  You can see the visual by clicking on it. Pakistan has once again enforcedly disappeared two Baloch students Gazzain Baloch an M-Phil scholar and Meer Ahmed worker in UDC-FBR in front of Meer Hotel Quetta. Now they abduct in public places with no fear. 

Pakistan will have to give account of the tears of Baloch and Sindhi people.

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क्या पाकिस्तान फिर टूटेगा ?             विगत कुछ दिनों में 18 बलूच स्टूडेंट्स को जबरिया हॉस्टल से उठा कर ले हथियारों से लैस लोग अपहरण करके ले गए । घर से जबरन उठाना सिंध और बलूचिस्तान के नागरिकों लिए कोई नई बात नहीं है। नादिर बलूच बताते हैं कि- यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट को अगवा करके ले जाया गया जिनका अब तक कोई अता पता नहीं है। अपहृत युवाओं एवं आंदोलनकारियों की हत्या भी कर दी जाती है और  हत्या के बाद शव को क्षत-विक्षत हालत में वीरान जगहों पर फेंक दिया जाता है। ऐसी क्रूरता लगभग 20 वर्षों से जारी होने की जानकारी ट्विटर स्पेस के जरिए इन दिनों आम होने लगी। इसी गुमशुदगी के विरोध में बलूचिस्तान यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स  एक दिनी स्ट्राइक की घोषणा की है। यह स्ट्राइक  8 नवंबर 2021 से प्रारंभ करने जा रहे हैं । आंदोलनकारियों का कहना है कि बलूचिस्तान के स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और पाकिस्तानी इंतजामियां के द्वारा उनके हॉस्टल से लगभग अपहृत किया जा रहा है। मानव अधिकार का घोर उल्लंघन करते हुए बलूचिस्तान में रियाज बलोच के अनुसार अब तक सैकड़ों लोगों को बिना किसी वैधानिक

क्यों लिखी मैंने पुस्तक “भारतीय मानव सभ्यता एवं संस्कृति के प्रवेश द्वार 16000 वर्ष ईसा पूर्व"

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    01.    प्रस्तावना :- भारत के प्राचीन इतिहास के साथ जो दुर्व्यवहार इतिहासकारों ने किया है उससे एक सांस्कृतिक संकट उत्पन्न हो गया है। मनचाहे तरीके से प्राचीन इतिहास को लिखना वास्तव में   एक षड्यंत्र ही है इसके अतिरिक्त कुछ भी नहीं। ईश्वरीय प्रेरणा से लिखे गए इस ग्रंथ किसका नाम है - “ भारतीय मानव सभ्यता एवं संस्कृति के प्रवेश द्वार 16000 वर्ष ईसा पूर्व ” में बहुतेरे ऐसे ही   प्रश्न उठाए गए हैं. सुधि पाठक जानिये कि- भारतीय संस्कृति के प्रति हमारी सोच तथाकथित इतिहास लेखकों एवं साहित्यकारों ने जिस तरह से बदलने की कोशिश की है उस पर एक सवालिया निशान लगाती हुई है कृति आपको अवश्य पढ़ना चाहिए। संक्षिप्त में कुछ तथ्य आपके सामने यहां क्रमशः रख रहा हूं। कदाचित आप सहमत होंगे अगर आप सहमत ना भी हो तो आपकी असहमति भी मेरे लिए सहमति की तरह महत्वपूर्ण है।भारत का वास्तविक प्राचीन इतिहास केवल मिथक हो गया तथा मध्यकाल और उसके बाद का इतिहास तो मुगलिया इतिहास बन के रह गया। अतएव ईश्वरीय प्रेरणा से यह कृति लिखने का प्रयास किया है। 2. जैन धर्म एवं श्रीकृष्ण :-   प्रायोजित से लगने वाले वर्तमान लिखित एवं