दारू पीने वाले के कुछ मूल मंत्र


जी हां आज पेश किया जा रहा है दारू पीने वाले के कुछ मूल मंत्र , और ये अब साबित हो चुका है कि ये वो ब्रह्म वाक्य हैं जो बेवडे मूड में आने के बाद अवश्य ही प्रयोग करते हैं ।

१. तू मेरा भाई है ....

२. गाडी आज मैं चलाऊंगा ....

३.मैं तेरी दिल से इज्जत करता हूं ....

४.आज चढ नहीं रही है यार .......

५.ये मत समझ कि मैं पी कर बोल रहा हूं ........

६.एक छोटा सा पैग और हो जाए, क्या कहता है ...

७.तू बोल तो सही भाई क्या चाहिए, तेरे लिए तो जान भी हाज़िर है..

८. और आखिरी और सबसे बडा दमदार सत्य वचन , "कल से दारू बंद "॥

तो हे बंधुओं जिन जिन को इसमें खुद के बोल बचन दिखाई सुनाई दिए हों , कसम बोतल की , बस टीप दो यार

11 टिप्‍पणियां:

  1. कहीं बैठक चालू है कि पुरानी रिकार्डिंग सुन कर लिखे हैं. :)

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  2. बिन पिये भी इसमें से कुछ बोल अपने हैं सो टीप रहे हैं

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  3. आजकल मैं भी तो यही बोलता हूँ दिन में कई बार.

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  4. ये सारे आप लोगों के अनुभव है हमें क्‍या पता?

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  5. और दूसरे दिन फ़िर से शुरु.

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  6. आपका ब्लॉग बहुत अच्छा है. आशा है हमारे चर्चा स्तम्भ से आपका हौसला बढेगा.

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  7. बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

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  8. कहाँ पे खतम और कहाँ पे शुरू
    one for the road

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कँवल ताल में एक अकेला संबंधों की रास खोजता !
आज त्राण फैलाके अपने ,तिनके-तिनके पास रोकता !!
बहता दरिया चुहलबाज़ सा, तिनका तिनका छिना कँवल से !
दौड़ लगा देता है पागल कभी त्राण-मृणाल मसल के !
सबका यूं वो प्रिय सरोज है , उसे दर्द क्या कौन सोचता !!