भारत में कुपोषण चिन्ता ही नहीं चिन्तन भी कीजिये

श्रद्धा मंडलोई की रिपोर्ट में  वे कहतीं हैं "यूनिसेफ के मुताबिक विकसित देशों में 150 मिलियन (15 करोड़) बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। जैसाकि हम सभी जानते हैं भारत दक्षिण एशिया में बसा हुआ है, जहां करीब 78 मिलियन बच्चे कुपोषित हैं। भारत में तीन साल से कम उम्र का हर दूसरा बच्चा कुपोषित है। यहां पांच साल से कम उम्र के करीब 55 मिलियन (साढ़े 5 करोड़) बच्चे हैं, जो ऑस्टेलिया की जनसंख्या का दुगने से भी ज्‍यादा है"
संदर्भ/साभार:-मेरी खबर.काम .
कुपोषण से मुक्ति की युक्ति पेश है कारगर हो सकती है
देखिये इधर डाक्स में
इसे देखिये कृतिदेव फ़ांट की सहायता से

5 टिप्‍पणियां:

  1. .... प्रभावशाली पोस्ट !!!!

    उत्तर देंहटाएं
  2. कैसी बातें कर रहे हैं आप. सरकारी आंकड़े देखिये..

    उत्तर देंहटाएं
  3. जी
    आंकड़ों की नहीं मैं बच्चों को बचाने की बात कर रहा हूं

    उत्तर देंहटाएं
  4. यह एक बहुत बडी समस्या है। समाधान सभी को मिलकर ढून्ढ्ना होगा।

    उत्तर देंहटाएं

कँवल ताल में एक अकेला संबंधों की रास खोजता !
आज त्राण फैलाके अपने ,तिनके-तिनके पास रोकता !!
बहता दरिया चुहलबाज़ सा, तिनका तिनका छिना कँवल से !
दौड़ लगा देता है पागल कभी त्राण-मृणाल मसल के !
सबका यूं वो प्रिय सरोज है , उसे दर्द क्या कौन सोचता !!