उम्दा सोच का "धनात्मक चिन्तन"और भाई सलीम खान की ह्रदय परिवर्तन मुझे यकीं कदापि तब तक नहीं हो सकेगा जब तक भाई सलीम अपनी सारी विवादास्पद पोस्ट हटा नहीं लेते . इस से पहले न तो उनसे कोई बात होगी न ही ऐसा करना लाजिमी है. वास्तव में सलीम ने बचकानी हरकतें कीं हैं उसके लिए उनको माफ़ किया जा सकता है लेकिन जब तक विवादित आलेख ब्लॉग पर बने रहेंगे तो सलीम का जो चेहरा दिखेगा बेशक अमन परस्त इंसान का चेहरा नहीं होगा. . मेरा प्रिय अनुज सलीम से विनम्र आग्रह है कि भारत के हित में वे अपने विवादित आलेखों को हटा कर साबित करें कि वे वाकई अमन पसंद हैं.
खैर सलीम खान ही क्यों वे सभी लोग जो सिर्फ अपने धर्म की बात करते हुए अन्य को अपमानित करतें हैं वे सभी इस से प्रेरित हों और विवादित आलेख हटाएं ताकि अंतर्जाल पर हिन्दी के विकास के प्रयासों को बल मिले ....अस्तु अब आगामी पोस्ट तक के लिए शुभ रात्री शब्बा-खैर, अल्लाह-हाफ़िज़, वन्देमातरम
