मित्रों सभी जानतें हैं की ब्लागिंग में आजकल क्या हो रहा है विनोद भाव से एक सार्थक लेखन को चित्रित करने की कोशिश को इतना नकारात्मक लिया की मुझे अपनी दौनों पोस्ट हटानी पड़ीं इतनी ज़्यादा नकारात्मकता की उम्मीद मुझे ब्लागिंग जगत से नहीं थी
ये पोस्ट क्रमश:
एक:इन ब्लॉगर जी को पहचानिये और इनाम में पाइए "*मुफ्त-टिप्पणियाँ "
दो:रिजुल्ट आ गया ...... पहचानिये और इनाम में पाइए थीं इसके जो भी अर्थ लगाएं जावें मुझे लग रहा है कि सोच में नकारात्मकता को स्वयं भगवान् भी नहीं मिटा पाए
एक दिन प्रभू विष्णु जी ने लक्ष्मी जी से कहा;-" एक विप्र को जो अमुक देश- भाग का निवासी है उसे संतुष्ट करना मुझे कठिन लग रहा है आप मदद कीजिए ? लक्ष्मी तैयार हो गयीं और फ़िर उस विप्र को इन्द्र से कह कर स्वर्ग के सभी सुख स्वर्ग में सम्मान से लाकर दिए गए .
महालक्ष्मी ने स्वयं बिदाई दी और फीड बैक चाहा ........... विप्र ने कहा : माँ........... इतना भी ठीक नहीं
मित्रों नकारात्मकता की जय है अत: शेष चकाचक अब कोई और फोटो तलाश रहा हूँ