ने अपने भाषण में कहा:-

मुख्य अतिथि पंडित राम कृष्ण बलवटे
की अभिव्यक्ति
नारम देव [नार्मदेय]ब्राहमण समाज में दहेज़ लिया जाना अपराध माना जाता है भारत में एक मात्र यही ब्राम्हण जाती है। गुजराती,मराठी,राजस्थानी,सभी सांस्कृतिक परम्पराओं को अपने में सजोये इस जाति के लोग साहसी,निर्भीक,जुझारू प्रकृति के होते है।