चट:- शैख़ ने मस्जिद बना, मिस्मार बुतख़ाना किया !
पट:- तब तो एक सूरत भी थी, अब साफ़ वीराना किया !!
--- नामालूम
शब्दार्थ:-बुतख़ाना :- मंदिर, मिस्मार :- बर्बाद
बवाल की इस पहली पोष्ट के लिए उनका हार्दिक आभार "समस्या-पूर्ती" के उदाहरण के साथ आपके लिए ज़रूरी सूचना यह है कि आप सभी का इंतज़ार यहां भी है" काव्य पहेली"