जीते को शुभकानाएं हारों को भी....!!

लोकसभा चुनाव में विजय हासिल करने वालों को हार्दिक शुभकामनाएं .....
पराजितों को इस हार को सहने की शक्ति हेतु जनता जनार्दन से प्रार्थना

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गिरीश बिल्लोरे

1 टिप्पणी:

कँवल ताल में एक अकेला संबंधों की रास खोजता !
आज त्राण फैलाके अपने ,तिनके-तिनके पास रोकता !!
बहता दरिया चुहलबाज़ सा, तिनका तिनका छिना कँवल से !
दौड़ लगा देता है पागल कभी त्राण-मृणाल मसल के !
सबका यूं वो प्रिय सरोज है , उसे दर्द क्या कौन सोचता !!