राखी सावंत केवल कपडे धोएंगी ?

हिन्दी मीडिया की टेली गपशप पर ये आलेख ज़रूर पढिये जी । श्रीमती बिल्लोरे ने ये आलेख देखा और कहने लगीं "अरे,अपनी वाशिंग मशीन ख़राब है बाई भी काम पे नईं आ रही कुछ कीजिये न जी "
हम:-तो...........? तो क्या आप सीखिए राखी से देखो उसने भारतीय-संस्कृति की रक्षा के वास्ते पहली कसम सार्वजनिक कर दी............?पन्द्रह साल पहले वाली कसम पूरी कराने का समय यही है दिखा दो दुनियाँ को कि आप भी अपने कौल से मुकरतीं नहीं हैं ? काम वाली बाई आए न आए तो क्या आप ?
श्रीमती बिल्लोरे :-"क्या मैं राखी सावंत हूँ जो आपके कपडे धोउंगी अरे तुम भी न किसका अनुसरण करने को कह रहे हो जी "
मैं:-"केवल कपडे-धोने वाला गुण अनुसरित कीजिये मैडम ?"
श्रीमती बिल्लोरे:-"न जी ये मुझ से न होगा आप तो कनस्तर बन गयी इस मशीन को कबाड़ी के हाथ दे दो नई ला दो "
मैं:-"घर की कितनी पुरानी चीजें बदलूँ अब अपनी शादी को भी तो पन्द्रह बरस हो गए हैं...?"
श्रीमती बिल्लोरे:- "हाँ हाँ तुम मर्दों को तो बस "
ज़्यादा लफडा बढ़ते देख अपन ने शाह जी को चुपचाप मिस्ड काल छोड़ा शाह जी ने तुंरत रिप्लाय किया । और फ़िर क्या शाह जी की दुकान से आ गई एक नए ज़माने की वाशिंग मशीन । स्त्रीधन कबाड़ के रूप में था जिसे विदा करते श्रीमती बोलीं :- "बड़ी बुआ ने दी थी खूब चली !"
मैंने (श्रीमती की ओर देखकर )कहा":-और एक आप हैं............सास जी की देन ?"
इस चुहल बाज़ी के बीच बिटिया शिवानी नें मशीन की पूजा की .....................

8 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छा हुआ नई मशीन मंगवा ली गिरीश भाई अगर भाभी जी अड़ जाती तो खुद को लग जाना पड़ता इस काम पर्। हा हा हा हा बढिया नही बहुत बढिया।

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  2. आज के जमाने मै थोडा बच के रहना पडता है जी... मशीन की बधाई आप दोनो को

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  3. आदरणीय बंधुवर
    आप सभी का सादर अभिवादन
    सच कितनी प्रगाढ होता है हम भारतीयों का
    दाम्पत्य जीवन
    है न
    राखी सावंती स्वयंबर के दौर में
    भारतीयता बाक़ी है अभी
    पधारने का आभार

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कँवल ताल में एक अकेला संबंधों की रास खोजता !
आज त्राण फैलाके अपने ,तिनके-तिनके पास रोकता !!
बहता दरिया चुहलबाज़ सा, तिनका तिनका छिना कँवल से !
दौड़ लगा देता है पागल कभी त्राण-मृणाल मसल के !
सबका यूं वो प्रिय सरोज है , उसे दर्द क्या कौन सोचता !!