भेडाघाट एक परिचय

जिला पुरातत्व संघ जबलपुर द्वारा पिछले दिनों एक पुस्तिका का प्रकाशन किया जिसमें भेडाघाट से संबंधित जानकारीयों का सचित्र वर्णन है मात्र १०० /- रूपए में उपलब्ध इस पुस्तिका में वो सब कुछ है जो भेडाघाट के पर्यटन के महत्त्व को उजागर करता है। अपने शोध को शब्दाकृति देकर प्रोफेसर ( डाक्टर) आर के शर्मा कन्वीनर, आई एन टी ऐ सी ऐच एवं प्रोफेसर (डाक्टर) एस एन मिश्रा तैयार इस पुस्तिका को पर्यटन विभाग का संबल भी प्राप्त हुआ है। इसे इस लिंक http://www.jabalpur.nic.in/heritage/ या यहाँ क्लिक कर देखा जा सकता है









7 टिप्‍पणियां:

  1. भैया एक प्रति हमारे लिये भी रख लेना आयेंगे तब ले लेंगे । हर जबलपुर वाले के घर मे जैसे भेड़ाघाट का फोटोफ्रेम होता है वैसे यह किताब भी रहे ताकि आने जाने वालों को बताया जा सके हम भी जबलपुरिया हैं ।

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  2. Gireesh ji main kareeb 6-7 maheene Jabalpur me raha hoon 3 baar bhed ghaat gaya tha. aaj bhi kuchh photoframe rakhe hain ghar pe mere.
    abhi 2 din pahle ki baat hai, Yahan UK me meri laboratory me ek Italian mitra hai jo apne city Venice ke pass ki kisi khadi ki tasweer dikha dikha ke khush ho raha tha... maine kaha isse bhi sundar river dekhni hai to google me bheda ghat jabalpur dalo. uske baad wo agle 1 ghante tak bheda ghat aur dhuaandhaar ki pictures dekh ke uske bare me padhta raha aur khush hota raha...
    :)

    Jai Hind.

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  3. बहुत बढ़िया शुरुवात...अच्छा लगा आलेख. जय जबलपुर ब्रिगेड.

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  4. i've always wished to visit this place bhai ji . as far i can remember Hazari Prasad Dwivedi had written a travelogue describing the charm of this water fall . i thank u for sharing this information . i hope the place is free from Maoist threats.

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  5. जय जबलपुर ब्रिगेड, जय भारत

    जय हिंद...

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कँवल ताल में एक अकेला संबंधों की रास खोजता !
आज त्राण फैलाके अपने ,तिनके-तिनके पास रोकता !!
बहता दरिया चुहलबाज़ सा, तिनका तिनका छिना कँवल से !
दौड़ लगा देता है पागल कभी त्राण-मृणाल मसल के !
सबका यूं वो प्रिय सरोज है , उसे दर्द क्या कौन सोचता !!