जिलापुरातत्वसंघजबलपुरद्वारापिछलेदिनोंएकपुस्तिकाकाप्रकाशनकियाजिसमेंभेडाघाटसेसंबंधितजानकारीयोंकासचित्रवर्णनहैमात्र१०० /- रूपए में उपलब्ध इस पुस्तिका में वो सब कुछ है जो भेडाघाट के पर्यटन के महत्त्व को उजागर करता है। अपने शोध को शब्दाकृति देकर प्रोफेसर ( डाक्टर) आर के शर्मा कन्वीनर, आई एन टी ऐ सी ऐच एवं प्रोफेसर (डाक्टर) एस एन मिश्रा तैयार इस पुस्तिका को पर्यटन विभाग का संबल भी प्राप्त हुआ है। इसे इस लिंक http://www.jabalpur.nic.in/heritage/ या यहाँ क्लिक कर देखा जा सकता है ।
वो दिव्य चक्षु नर्मदा तट पर जब बिखेरता है एकतारे की तान !! स्तब्ध हो जातीं हैं मन में प्रवाहित वेदनाएं रुक जातीं थीं पथचारी की बे परवाह कुंठाएं !! लौटतीं हैं जब एक तारे की तान भेडाघाट की संग-ए-मरमर टकरा कर तब लगता है साक्षात अध्यात्म और सुकून कहीं और नहीं "यहीं है हाँ यहीं है "