The Partnership : for the protection of human rights in Balochistan and Sindhudesh
मयकदा पास हैं पर बंदिश हैं ही कुछ ऐसी ..... मयकश बादशा है और हम सब दिलजले हैं !!
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26 जन॰ 2009
पालने से पालकी तक
“पालने से पालकी तक बेटियों का सुदृढ़ जीवन सफल जीवन “
पालने और पालकी को
सजाने की
समझ जो है - "बेहतर है....!"
ज़िन्दगी बेटियों की
भी संवारी जाए तो अच्छा !!
पालने में दुलारो खूब
बिटिया को "बेहतर है....!"
ज्ञान-साहस से सजी बिटिया
बिदा की जाए तो अच्छा ..
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