मशहूर ब्लॉगर श्री समीर लाल जी से हुई बात चीत में ब्लागिंग को लेकर हुई चर्चा का पहला एपीसोड सादर प्रस्तुत है.समीर लाल जी का मत है कि हिंदी ब्लागिंग अपने उच्च मुकाम पर पहुंचेगी ये तयशुदा बात है .
समीर लाल जी से हुई बात चीत सुनिए नीचे और संवाद एवं विमर्श पर भी
मयकदा पास हैं पर बंदिश हैं ही कुछ ऐसी ..... मयकश बादशा है और हम सब दिलजले हैं !!
Ad
समीरलाल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
समीरलाल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
7 फ़र॰ 2010
22 जून 2008
सावधान सतयुग आ रहा है...!"
उडन तश्तरी ....: रोज बदलती दुनिया कैसी... को पड़कर याद सी आ रही है अशोक चक्रधर की वो कविता जिसमें आम आदमी को दूसरे के मन की बात पड़ने की शक्ति मिल जाती है । कैसे कैसे मजेदार सीन उभारतें हैं उस कविता चकल्लस वाले भैया जी ........!मैँ गंभीर हो गया हूँ इस मुद्दे पर डर भी लग रहा है सरकारी आदमीं हूँ रोज़िन्ना झूठ की सेंचुरी मारने के आदेश हैं इस सिस्टम के......?सो सोचा रहा हूँ कि व्ही0 आर0 एस0 ले लूँ....?वो दिन दूर नहीं जब तकनीकी के विकास के की वज़ह से लाईडिटेक्टर मशीन,ब्रेन-मेपिंग मशीन,आम आदमी की ज़द में आ सकती है और फ़िर सतयुग के आने में कोई विलंब न होगा ।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)