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19 फ़र॰ 2014

आओ… और तुम भी गाओ…:-कु.दर्शिता श्रीवास्तव


आओ… और तुम भी गाओ…
जिंदगी का… गााना
छोड़ अपने दिल की,
धुनों का तराना…
आओ… और तुम भी गाओ…
जिंदगी का गाना…
क्योंकि यूंहि हॅंसते-हॅंसते…
एक दिन हमें ऊपर चले जाना…
यही तो रीत है…
इसलिये ये गीत है…
जो है जिंदगी का फसाना…
तो आओ… और तुम भी गाओ…
जिंदगी का गाना…
उदासी के बादलों पे…
खुशी की एक रोशनी पड़ने दो…
जिंदगी को फिर तुम,
इन्द्रधनुष सी खिलने दो…
ज्यादा न सोचो तुम…
बस यूंहि सुर से सुर…
मिलाओ तुम…
मुस्कुराओ तुम…
और गुनगुनाओ तुम…
ये जिंदगी का…
जिंदगी का गाना…
अब उसपे न रोना तुम…
जिसे कभी… सालों पहले…
तुम्हें था पाना…
क्योंकि जो भी है तुम्हारे पास
वही है सबसे कीमती नज़राना…
छोड़ दो अब झूठे बहाने बनाना…
और दिल से गाओ…
ये जिंदगी का गाना…
जिंदगी का गाना…
संपर्क -
कु.दर्शिता श्रीवास्तव
जी.ए.डी.कॉलोनी
बारापत्थर, सिवनी (म.प्र.)
(साई फीचर्स)

11 जन॰ 2010

बाल गीत: भारत माता --संजीव 'सलिल'

बाल गीत:

भारत माता

संजीव 'सलिल'


मदर इंडिया, भारत माता,

जयकारा मेरे मन भाता

हिन्दी-अंग्रेजी का लड़ना-

मुझको बिल्कुल नहीं सुहाता.

दुनिया की हर भाषा-बोली,

बच्चों की होती हमजोली.

ज्ञान-ध्यान की बात बताएं,

सीख-सिखाएं खुशियाँ पायें.

हम अनेक फ़िर भी हैं एक,

कभी न खोये स्नेहिविवेक.

लिख,पढ़,बढ़ सबको सुख देंगे'

पीड़ित के आंसूं पोछेंगे.

मेहनत ही है सच्ची पूजा.

नहीं साधना का पथ दूजा.

'सलिल' हाथ से हाथ मिलाकर,

हंस तू सबको गले लगाकर...

*****

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