Ad

hindee poetry लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
hindee poetry लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

31 मार्च 2010

काव्य रचना: मुस्कान --संजीव 'सलिल'

काव्य रचना:

मुस्कान

संजीव 'सलिल'

जिस चेहरे पर हो मुस्कान,
वह लगता हमको रस-खान..

अधर हँसें तो लगता है-
हैं रस-लीन किशन भगवान..

आँखें हँसती तो दिखते -
उनमें छिपे राम गुणवान..

उमा, रमा, शारदा लगें
रस-निधि कोई नहीं अनजान..

'सलिल' रस कलश है जीवन
सुख देकर बन जा इंसान..

*************************

कितना असरदार

Free Page Rank Tool

यह ब्लॉग खोजें