Ad

bloger लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
bloger लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

7 दिस॰ 2009

जबलपुर ब्रिगेड के नए ब्रिगेडियर अजय कुमार झा का स्वागत है


                                                                                                                    (पाबला जी और झा जी )      

आम -सूचना   
ब्रिगेड के महत्वपूर्ण फैसले के मुताबिक़ कमांडर महेन्द्र मिश्र जी के हुक्म पर अजय कुमार झा साहब को बतौर ब्रिगेडियर आमंत्रण भेजा गया .जिसे वीर रणबाँकुरे ने फ़ौरन स्वीकारा आज ब्रिगेड का आकार बढ गया है .10 से बढकर  ब्रिगेडिअर्स अब 11 हो गए . कमांडर के तौर पर सी जी के ब्लागर्स को आमंत्रण भेजे  जाने पर विचार मंथन करने तथा कई अन्य मुद्दों पर विमर्श हेतु एक बैठक का आयोजन "सदर कैफे-काफी  डे" में दिनांक 7 दिसंबर 09 को शाम 7 बजे  होने जा रही है.
कमांडर इन चीफ : पद रिक्त इस पद के लिए कल मिसिर जी के आने के बाद फ़ौरन उड़न-तश्तरी को ड्यूटी आदेश भेजना तय है
कमांडर एक कमांडर महेन्द्र मिश्र   सीनियर ब्लॉगर
अंत में बांचिये
और
मेरे जीजा श्री द्वय  क्रमश: विजय  तिवारी  " किसलय  "
एवं
के  आलेख
क्रमश: 

आज के दौर में मीडिया की भूमिका तथा  इसके लिये भी भूमिका लिखूँ.....?



तथा ग़दर पार्ट टू के निर्माता राजीव तनेजा जी का ये वाला आलेख ज़रूर देखिये
साथ ही लगे हाथ इस सत्य कथा को भी देखिये तो भूतनाथ का ये आलेख भी कभी लम्हों ने खता की है....सदियों ने सजा पायी.....!! जबदस्त बन पडा है . जबकि हिमांशु राय की रपट देखिये इप्टावार्ता हिंदी पर जो इनका संस्था का ब्लॉग है . एक ब्लॉगर मित्र ये जानना चाहते थे कि भोपाल में हुए नाटकों पर रपट आयी क्या ? नेट पर किसे फुरसत है बाकी की चर्चा करे जो . सब परमेन्दर शरद  कोकास मिसिर जी [कमांडर जी] अजय भाई थोड़े हैं जो सबको समेंटें अब देखिये ब्लॉग प्रहरी को सबकी
avinashjiमुंबई मीट पर रपट ले आये.  अथवा पूर्णिमा जी की तरह 'पत्रकारिता के सामाजिक सरोकार` विषय पर व्याख्यानये सब लिखे किसे फुरसत है कि सबको जोड़ने के लिए हल्का-फुल्का वातावरण तैयार करने ताऊ की तरह या तनेजा जी की तरह सबको मग्न रखे मिसिर जी देखिये आज इनने समीर लाल जी ने जूता विमर्श क्या किया  क्या छापा दन्न से एक अखबार  ने चर्चा कर दी . इससे नए ब्लॉगर ने मुझे फून लगा के पूछा भइया, जी बताओ सबसे ज़्यादा  लाभ किस विषय पर लिखने से होता है ? जानतें हैं हमने क्या कहा जी हाँ जूता जूती विषय चुनो लिखो ............ हमारे  भविष्य के कमांडर इन चीफ   हैं वे भी तो लिख रहें हैं . हम भी भी लिखेगें तुम भी लिखो भैया ? 

इस महत्वपूर्ण सूचना के साथ शुभ रात्रि शब्बा-खैर खुदा-हाफ़िज़

11 अक्टू॰ 2009

उड़न तश्तरी ..की चिंता जायज है

उड़न तश्तरी .  ये जो भी  हो  रहा   क्या अच्छा हो रहा है?
होना तो ये था तय तो यही था



"गौतम"  ने जो चित्र प्रस्तुत किया है उससे भी ज़रूरी विषयों पर अगर हम समय जाया कर और करा रहें हैं तो ठीक है वर्ना सच हमारा मिशन सिर्फ और सिर्फ मानवता के  रक्षण से सम्बंधित होना ज़रूरी है. केवल धार्मिक सिद्धांतों की पैरवी तर्क-कुतर्क /वाद प्रतिवाद / हमारे लिए गैर ज़रूरी इस चित्र के सामने.......!!

का यह चित्र आपने न देखा हो तो अपने शहर के कूड़ा बीनने वाले बच्चों को देखिए जो होटलों से फैंकी जूठन में  भोजन तलाशते बच्चों को सहज देख सकतें हैं
http://www.abroaderview.org/images/vietnam/hanoi/Street_children_in_Sapa.jpgमित्रों  आप भी गौर से देखिये इस चित्र में मुझे तो सिर्फ बच्चे दिख रहें हैं और इधर भी देखिए =>  {यही आज का सबसे  ज़रूरी विषय है }
इसको आप ने नहीं पहचाना..... इस दीन के लिए ही तो देवदूत संदेशा लातें हैं. देववाणी भी इनकी ही सेवा का सन्देश देती है मेरे वेद तुम्हारी कुरान  ....उसका ग्रन्थ .... इसकी बाइबल क्या कुतर्क के लिए है . फिर तुम्हारी मेरी आस्था क्या है ... जिसकी परिभाषा ही हम न जान पाए मेरी नज़र में आस्था 
हम बोलतें हैं क्योंकि बोलना
जानते हैं किंतु आस्था बोलती नहीं
वाणी से हवा में ज़हर घोलती नहीं
सूखे ठूंठ पर होता है जब
बूंद बूंद भावों का छिडकाव
स्नेहिल उष्मा का पड्ता है प्रभाव
तभी होता है उसमें अंकुरण
मेरे भाई
यही तो है आस्था का प्रकरण...!!     


 सच प्रेम ही इस संसार की नींव है इसे सलीम/जोज़फ़/कुलवंत/गिरीश जैसों की क्षमता नहीं की झुठला सकें 

कितना असरदार

Free Page Rank Tool

यह ब्लॉग खोजें