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15 दिस॰ 2009

नए ब्रिगेडियर अवधिया जी का स्वागत है


आज ब्रिगेड पर को जी.के. अवधिया देख कर अभिभूत हुआ और तकनीनी कारणों से मेरा ब्रिगेड ज्वाइन करने में विलम्ब का आभास होते ही मैंने पुन: आमंत्रण प्राप्त कर ब्रिगेड ज्वाइन कर ली । आप जो भी इसे ज्वाइन करना चाहें तो मेल कीजिये स्वागत है
आपका डूबे जी

7 दिस॰ 2009

जबलपुर ब्रिगेड के नए ब्रिगेडियर अजय कुमार झा का स्वागत है


                                                                                                                    (पाबला जी और झा जी )      

आम -सूचना   
ब्रिगेड के महत्वपूर्ण फैसले के मुताबिक़ कमांडर महेन्द्र मिश्र जी के हुक्म पर अजय कुमार झा साहब को बतौर ब्रिगेडियर आमंत्रण भेजा गया .जिसे वीर रणबाँकुरे ने फ़ौरन स्वीकारा आज ब्रिगेड का आकार बढ गया है .10 से बढकर  ब्रिगेडिअर्स अब 11 हो गए . कमांडर के तौर पर सी जी के ब्लागर्स को आमंत्रण भेजे  जाने पर विचार मंथन करने तथा कई अन्य मुद्दों पर विमर्श हेतु एक बैठक का आयोजन "सदर कैफे-काफी  डे" में दिनांक 7 दिसंबर 09 को शाम 7 बजे  होने जा रही है.
कमांडर इन चीफ : पद रिक्त इस पद के लिए कल मिसिर जी के आने के बाद फ़ौरन उड़न-तश्तरी को ड्यूटी आदेश भेजना तय है
कमांडर एक कमांडर महेन्द्र मिश्र   सीनियर ब्लॉगर
अंत में बांचिये
और
मेरे जीजा श्री द्वय  क्रमश: विजय  तिवारी  " किसलय  "
एवं
के  आलेख
क्रमश: 

आज के दौर में मीडिया की भूमिका तथा  इसके लिये भी भूमिका लिखूँ.....?



तथा ग़दर पार्ट टू के निर्माता राजीव तनेजा जी का ये वाला आलेख ज़रूर देखिये
साथ ही लगे हाथ इस सत्य कथा को भी देखिये तो भूतनाथ का ये आलेख भी कभी लम्हों ने खता की है....सदियों ने सजा पायी.....!! जबदस्त बन पडा है . जबकि हिमांशु राय की रपट देखिये इप्टावार्ता हिंदी पर जो इनका संस्था का ब्लॉग है . एक ब्लॉगर मित्र ये जानना चाहते थे कि भोपाल में हुए नाटकों पर रपट आयी क्या ? नेट पर किसे फुरसत है बाकी की चर्चा करे जो . सब परमेन्दर शरद  कोकास मिसिर जी [कमांडर जी] अजय भाई थोड़े हैं जो सबको समेंटें अब देखिये ब्लॉग प्रहरी को सबकी
avinashjiमुंबई मीट पर रपट ले आये.  अथवा पूर्णिमा जी की तरह 'पत्रकारिता के सामाजिक सरोकार` विषय पर व्याख्यानये सब लिखे किसे फुरसत है कि सबको जोड़ने के लिए हल्का-फुल्का वातावरण तैयार करने ताऊ की तरह या तनेजा जी की तरह सबको मग्न रखे मिसिर जी देखिये आज इनने समीर लाल जी ने जूता विमर्श क्या किया  क्या छापा दन्न से एक अखबार  ने चर्चा कर दी . इससे नए ब्लॉगर ने मुझे फून लगा के पूछा भइया, जी बताओ सबसे ज़्यादा  लाभ किस विषय पर लिखने से होता है ? जानतें हैं हमने क्या कहा जी हाँ जूता जूती विषय चुनो लिखो ............ हमारे  भविष्य के कमांडर इन चीफ   हैं वे भी तो लिख रहें हैं . हम भी भी लिखेगें तुम भी लिखो भैया ? 

इस महत्वपूर्ण सूचना के साथ शुभ रात्रि शब्बा-खैर खुदा-हाफ़िज़

27 नव॰ 2009

ब्रिगेडियर महेन्द्र मिश्र का हार्दिक स्वागत



आज की सुबह सुहानी थी दोपहर सरकारी दौरे के दौरान माँ नर्मदा के तट पर दोपहर के भोजन का स्वाद ही कुछ अदभुत सा था सुबह 9:00 बजे से लगातार फील्ड पर रहने के दौरान कैमरे का इस्तेमाल कर ही लिया देखिये सुश्री माया मिश्रा एवं सुषमा जी आकाश में जाने क्या देख रहीं थी कि अपनी क्लिक ! जी हाँ बरगी टूर के दौरान मुझे सरकारी रेस्ट हाउस से बेहतर लंच लेने के लिए यही स्थान लगता है. ईश्वर की अनुपम धरोहर को नष्ट करता विकास ये वो ज़गह है जिस स्थान से माँ नर्मदा को अपलक निहारा करता हूँ कदाचित माँ कहती है कि "यहीं बस जा मेरे पास "
https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEgwjuz4SS5qN_66R_FcRg4irw6h-I0NBNXXA4y4ard1hsRv0OcQxZH4bsbLl6oQJHO63OO5AWyIfCOLyn-EX5O1gCHRj3FmVVNgtgqLMwmJVDKYP9o_9FNIdVJcusl-G1p_JKfYfOXg-iM/s1600/Savysachi01.gifइस जगह से कैसा अपना पन हो गया है मुझे यहाँ आते ही स्वर्गीया सव्यसाची की गोद में मिलने वाला सुकून नेह का गुनगुना एहसास जो भौतिक रूप से मुझे अब अगले जन्म तक नहीं मिलने वाला है यहाँ उसका आभास हो ही जाता है. नदी और माँ के बीच अंतर्संबंध समझता मेरा मन सहकर्मियों के अनुरोध को टाल न सका समय की मांग थी कि हम उस जगह को छोड़ें सुश्री मिश्रा के अनुरोध पर बमुश्किल 10 मिनट बाद हम रवाना हुए अगले पाइंट के लिए मन ही मन माँ नर्मदा से फिर आने की बात कह कर हम रवाना हुए . वहां रुकने से मेरे कई काम निपट जातें हैं जैसे उस भूरे कुत्ते से मुलाक़ात हो जाती है जिसे लगभग एक बरस से एकाध नेह निवाल दे देता हूँ कुछ चींटियाँ जिनके लिए रोटिया उपयोगी होतीं है साथ ही माँ से मुलाक़ात यानी यानी अब गूंगे से गुड की मिठास का विवरण नहीं दिया जाता है . ________________________________________________________________________________________



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और ये अपन पता नहीं कब सुषमा जी ने कैमरा क्लिक कर दिया
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का हार्दिक स्वागत है जबलपुर ब्रिगेड पर


शाम ब्रिगेड का पन्ना खोला तो सारे ब्रिगेडियर के अलावा हमारी वरिष्ठ समीर भाई के बाद के और हम सबसे सीनियार ब्लॉगर महेंद्र मिश्र जी आमंत्रण स्वीकार चुके नज़र आए इधर हम अपना मेल इनबाक्स बार बार देख रहें हैं मिश्र जी का मेल चर्चा वाले पन्ने के लिए आता ही होगा. इस बीच खर ये है कि बवाल कल से जो ट्रक लेकर गए हैं बेगानी जी के पास से कपिला जी के पास फिर मंगलूर की एक चर्च में सुसमाचार सुन रहे हैं , शरद कोकासजी विजय तिवारी "किसलय"जी , ठण्ड की वज़ह से रजैया में दुबके ब्लागिंग कर रहें हैं . उधर ब्रिगेडियर महाशक्ति की स्थिति बेहद खराब है पापा जी कहे थे कि इस जन्म दिन के पहले बिहाय देगें किन्तु ब्रिगेड के वीटो के मद्देनज़र "सुदिन" नहीं हो पाया . अस्तु प्रमेन्द्र तुम्हारी बरात जबलपुर में आना तय है . क्यों भाई संजीव सलिल जी ठीक हैं ? जबलपुर में जाडे से बचने हमने दीपक से 'मशाल ' मशाल से अलाव जगा रखे हैं मालूम हुआ है कि रवीन्द्र प्रभात जी की परिकल्पनापर कोई जुगाड़ हुआ तो एकाध जबलपुरिया-ब्लॉग जुड़ेगा वर्ना समीर जी की के बाद जात्रा आगे बढ कर एक जनवरी 2010 को एक दूजे को हेप्प्या न्यू इयर कहता नज़र आयेगा . वैसे आज़कल अलबेला खत्री का मार्केट तेज़ है, उधर एक दम अपने ये मुन्ना सर्किट तेज़ी से आगे निकलते नज़र आ रए हैं ... टपोरी टाइप की बोली का मज़ा ही कुछ और है,
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मुंबई हादसें के शहीदों के पुन्य स्मरण के साथ धार्मिक आतंकवादी आकांक्षाओं के समूल समापन के आव्हान करते हुए इति !
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27 अक्टू॰ 2009

बन जाइए "ब्रिगेड के ब्रिगेडियर "


दुनियाँ में आप कहीं भी हों आप अगरचे जबलपुरिया हैं तो
यदि
आप ब्लॉगर हैं
आप सामाजिक सरोकारी हैं
आपमें ब्लागिंग की लगन हैं
अथवा ब्लागिंग की इच्छा रखतें हैं
आपके
पास- चिंतन का घट है
आपके विचार विचार ही नहीं
"छांह दार वट है "
तो बस एक मेल भेजिए
बन जाइए "ब्रिगेड के ब्रिगेडियर "
यहाँ आप कुछ भी कहें धुंआधार कहें
किसी धर्म/व्यक्ति/समूह/वर्ग/वर्ण
सम्मान को बनाए रखते हुए कहें
आप का हार्दिक अभिवादन है

भवदीय

गिरीश बिल्लोरे मुकुल
सिपाही वास्ते जबलपुर ब्रिगेड
girishbillore@gmail.com

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