Ad

kawita लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
kawita लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

24 फ़र॰ 2011

सच तुम जो भी हो आभासी नही

साभार : ब्लॉग "लाइफ" से
तुम्हारी प्यार भरी
भोली भाली बातें
सुन
बन जातीं हैं रातें लम्बी रातें
तुम कौन हो ? क्यों हो ?
इस आभासी दुनिया
के उस पार से
जहां एक तिनके की आड़ लेकर
देख रहीं हो कनखियों से
कह देतीं हो वो
जो
कलाकार गढ़तें है
वही जो गीतकार रचते हैं
फ़िर भी खुद से पूछता हूं
कल पूछूंगा उनसे तुम कौन हो ?
सच तुम जो भी हो आभासी नही
 प्रेम की मूर्ति
 हां वही हो जो
गढ़तें हैं लिखते हैं
कलाकार गीतकार

कितना असरदार

Free Page Rank Tool

यह ब्लॉग खोजें