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28 सित॰ 2007

लता मंगेशकर जीं जनम दिन मुबारक "


"
जनम -दिवस पर शुभ कामनाएं "


लता मंगेशकर जीं को सादर प्रणाम

सुर सरगम से संयोजित युग
तुम बिन कैसे संभव होता ?
कोई कवि क्यों कर लिखता फिर
कोयल का क्यों अनुभव होता...?
****************
विनत भाव से जब हिय पूरन
करना चाहे प्रभु का अर्चन.
ह्रदय-सिन्धु में सुर की लहरें -
प्रभु के सन्मुख पूर्ण समर्पण ..
सुर बिन नवदा-भक्ति अधूरी - कैसे पूजन संभव होता ?
*********************
नव-रस की सुर देवी ने आके
सप्तक का सत्कार किया !
गीत नहीं गाये हैं तुमने
धरा पे नित उपकार किया!!
तुम बिन धरा अधूरी होती किसे ब्रह्म का अनुभव होता ..?

**गिरीश बिल्लोरे मुकुल

27 सित॰ 2007

" गिलहरी बन के वोट लायेगें "

गिरीश बिल्लोरे मुकुल

" आभास की वापसी तय है...!"
स्टार वाइस आफ इंडिया में आभास की वापसी की उम्मीद को नकारा नहीं जा सकता । म.प्र. के लोगों विशेष रूप से महाकौशल , मालवा , नर्मदांचल, बघेलखंड, के लोगों को लगता है आभास की वी.ओ.आई। में वापसी का
आभास हों गया है.....!
जबलपुर के नामचीन पत्रकार डाक्टर पंकज शुक्ल की पैनी निगाह आभास के हर परफोर्मेंस पर रहती है...
वे हर निर्णायक की टिप्पणी को सुनते और याद रखते हैं... जबकी एक अन्य पत्रकार विकास खन्ना {बरगी } जो
आभास के हर एपिसोड को सामूहिक रूप से देखतें रहे हैं ....... आभास के बिना अब स्टार प्लस नहीं देख रहे हैं.... उनका कहना है_"शो तो उजडे शहर सा दीखता है...?" ये उनकी राय है जो संकेत करती है स्टार प्लस की टी.आर.पी. में गिरावट आयी है......?
जबलपुर का अखबार जिसकी उम्र जबलपुर में २ दिन की हुयी है मे कवर स्टोरी छाप कर आभास की योग्यता और प्रतिभा को रेखांकित कर ही दिया .
सांसद श्री राकेश सिंह पीछे क्यों रहते उनके दरबार में हर आने जाने से वोट अपील होना दीवानगी नहीं तो क्या है । ये हों क्यों ना आभास है ही इतना प्यारा ।
इश्मीत के बारे में जान कारी मिली है कि उन्हैं एन० आर० आइ० का वोटिंग सपोर्ट है..... इस पर आभास के एक दीवाने ने कहां -"भाई साहब... राम सेतु बनाने में गिलहरी के योगदान की बात तो आपने सुनी होगी एक गिलहरी कैसे राम के लिए रेत लेकर आती है......."
हम तो गिलहरी बन के वोट लायेगें आभास के लिए ।

26 सित॰ 2007

डाक्टर प्रहलाद पटेल का अशोभनीय बर्ताव

माननीय श्री प्रहलाद पटेल सदस्य जिला पंचायत द्वारा मुझे अपमानित किया

आज दिनांक 24/09/2007 को ज़िला स्तरीय आपत्ति समिति की बैठक में ग्राम बह्म्नी में आंगन वाडी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति को लेकर मान नीय श्री प्रहलाद पटेल जी, ने मुझे बैठक कक्ष निरर्थक संबोधन करते रहे अपितु प्रस्थान के समय उन्हों ने मुझे मेरी स्व0 माँ के प्रति अश्लील गालियाँ देते हुए मुझे सरे आम बुलाकर अपमानित किया जिसके साक्ष्य श्री मनीष शर्मा, श्रीमति किरण पांडेय, कु. माया मिश्रा तथा श्री रोहित दीवान है.
श्री प्रहलाद पटेल जी द्वारा श्रीमती अमृता पटेल की नियुक्ति एन केन प्रकारेण करने की की धमकी भरी सलाह
दी गयी है. आवेदिका विवाहित हैं, तथा उन्हौंने अपने पिता के स्थानीय निवास संबंधी दस्तावेज़ आवेदन के साथ प्रस्तुत किए
थे, जो नियामानुसार आवेदिका के लिए निर्ह्नरता का कारण हैं. शिकायत कर्ता ग्राम वासियों द्वारा प्रेषित शिकायत में उक्त आवेदिका श्रीमती अमृता पटेल के संबंध में लेख
किया है कि वे माननीय जनप्रतिनिधि महोदय के सगे भाई की पुत्री हैं जिनका विवाह निवास तहसील में हों चुका है...
उक्त जन प्रतिनिधि महोदय लंबे समय से मुझे अपमानित करने एवम धमकाने का कार्य कर रहे हैं !

17 सित॰ 2007

श्रेयष बेहतरीन संगीतकार



ये अपना श्रेयष जिसने रिकार्डिस्ट भाई आशीष के कंधे को पकड़ रखा है । आशीष सक्सेना जीं से पुरानी दुश्मनी है इस भाई की । बावरे फकीरा
की रिकार्डिंग के समय सक्सेना जीं के कन्धों में दर्द था । श्रेयष जो गोगी के नाम से जाने जाते हैं , हर दस मिनट में एक जोरदार हाथ उसी कंधे पे रख देते जैसा आप फोटो में देख रहें हैं......! और आशीष भाई का दर्द वे कराह उठते दर्द से
मुझे मामला आज तक समझ नहीं आ रहा है......!
गोगी ऐसा लफड़ा करता क्यों है भाई....?
चलो ! छोड़ो आपको बता दूं मेरा प्रिय श्रेयष एक बेहतरीन संगीत कार है , उसकी सोच में लय ताल रिदम बसती है तो धड़कन गोया गीत-और-सुरों को संगीत की डोली में बिठाने बेताब ।
अशेष शुभकामनाएं

तो अब सुनिए २० बरस के श्रेयस की धुन प्रोमो पर =>

16 सित॰ 2007

आइये ..थोडा हँस लें .!



आज मैंनें आभास को ख़ूब फटकारा
१५/०५/०७ के स्टार वाईस आफ़
इंडिया के सैट पर
शादी का गाना गाकर जो हंगामा खड़ा कर दिया . "आभास की उम्र १७ साल जानते हुए अलका जीं का उसके लिए शादी का इश्तहार जारी करना आभास का छज्जे पर खडे होके छोरी की तलाश के लिए चीखना !!" इस ख़बर से मुम्बई में ३ महीने रहने वाले
बडे भाई श्रेयश ने फ़ोन पर बताया "चचा ! इसने तो मुम्बई आकर नाटक शुरू कर दिए शादी के लिए बावला हो रहा है " फोन सुनकर मेरा
क्रोध सातवे आस्मां पे, भाई जितेन्द्र भी ग़ुस्से में थे इतने कि पानी का एक गिलास मुँह में लगाया , जब मुँह से हटाया तो उनके दांत स्टील के उस गिलास में बने थे .
पापा रविन्द्र जीं की मिली भगत से आभास शादी के लिए उतावला था हम को शक था जो सही निकला .
वे हम सभी को देख के हँसे जा रहे थे.
अब मेरी बारी थी मामले को निपटाने की ... सो मैने आभास को "बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम १९२९ के तहत कार्रवाई करने की धमकी भरा एस.एम्.एस. किया आभास को .
आभास ने तुरंत काल बैक किया .
“चाचा मुझे मालूम है कि आप बाल विकास अधिकारी हैं.! सोचा था मामला दबा देंगे ?”
मैने उसे फटकारा -"भैये कानून की नज़र में सब एक बराबर हैं...समझा देना अलका जीं को ओर सभी को कि बाल विवाह करने,कराने उसमें भाग लेनें वाले सभी अपराधी होते हैं......."
दूसरी तरफ आभास की रिरियाती आवाज़ सुनाई दे रही थी ..!
"हाँ चाचा..नहीं चचा..!!"
फोन बंद करते ही फोन फिर बजा .. श्रेयश का फोन था
"क्या हुआ चचा...?
मैंनें उसे बताया.."भाई तुम जैसे बडे भाई के होते आभास शादी अब नहीं कर सकता
मैंने फटकार लगा दीं है उसे "
आभास को फटकार सुनकर श्रेयष बेहद खुश हुआ यह जानकर कि आभास की छोरी खोजने का अभियान
४ साल बाद के लिए टल गया बडे भाई के लिए इससे बेहतर बात और क्या होगी !!

भाई विकास से बातचीत


विकास परिहार से आमने-सामने बात कर के लगा:- "विचार ख़त्म नहीं हुए लोग-बाग़ कह रहे हैं विषय ख़त्म हो गए" कुछ लोग तो मान भी गए की विषय चुक गए ! कुछ लोग अपने कहे को ब्रह्मवाक्य के रूप में देखतें हैं...कुछ इसके लिए तलवार भी भांजने लागतें हैं.वो बेचारे ये नहीं जानते की दुनियाँ से विषयों की विदाई कभी नहीं होगी.हजूर,लोगों का क्या तुक्के-पे-तुक्का लगा रहे हैं भगवान ने जीभ दी है दिमाग [थोड़ा] दिया सो थोड़ा सोचा खूब बोल बक दिया,मोहल्ले-मोहल्ले "खतीबे-शहर" होगे हैं हर मदक्की दार्शनिक की वाणी में प्रवचन देता नज़र आ रहा है हमको , अब बाबू प्रहलाद पटेल को ही लीजिये [डाक्टर प्रहलाद पटेल का अशोभनीय बर्ताव ]
किसी के सामने कुत्ते की तरह दुम कोई भी हिलाए मेरे संस्कार में श्रीमान ये नहीं सो कइयों का मुझे गाली देना स्वाभाविक ही है । मेरा युध्द व्यक्तिगत नहीं है उनका व्यक्तिगत था , मैं अपने लिए नहीं जीता अगर किसीको मेरे न्याय-प्रिय होने से कोई आघात मिले तो मेरा क्या कसूर ,
मोह के मद में अंधे धृतराष्ट्रों के वंश के अंत के लिए केवल ५ पांडव ही चाहिऐ
[०१] सत्यवादी-भाव [२] पराक्रमी व्यक्तित्व [३] लक्ष्य निर्धारण क्षमता
[४] चतुर रणनिति संयोजक [५] सफल समन्वयन क्षमता
यानी स्वार्थ और शोषण के शमन की पूरी तैयारी कर चुकी "एक-व्यक्ति" सेना ।
मेरा संकेत स्पष्ट है भाई :-"हमारे हाथों को भारतीय संविधान ने पूरी ताक़त दी है , जब हम वो जो आम आदमीं सरकार बदल सकतें हैं तो गलीच विचारों को "





14 सित॰ 2007

बावरे-फकीरा का गायक है आभास जोशी

A TRIBUTE TO SHIRDEE SAI BABA DEVOTIONAL ALBUM
VOICE :- *ABHAS JOSHI
*संदिपा पारे

MUSIC:-*SHREYA-JOSHI

LYRICS:-*GIRISH BILLORE"MUKUL"
*RECORDIST:- ASHISH-SAXENA

ABHAS JOSHI SNEH MANCH JABALPUR

S.K.BILLORE, JITENDRA JOSHI , RAJESH PATHAK, DR.SATISH UPAADDHYAY, DR. SANDHYA JAIN, MANISH SHARMA, DEEPENDRA BISEN, SMT. ABHA JOSHI[MOTHER],RASVINDRA JOSHI[FATHER], GOVIND YADAV, DR.VIJAY TIWARI,ADVOCATE ARVIND CHOUKASE, RAJENDRA CHOURE,

7 सित॰ 2007

अब विदा प्रियानी !!

प्रियानी के पूरे जोश से गाया-" डोला....रे......डोला.....!" वे कम वोटिंग का शिकार थीं और
चक्रवात में आईं प्रियानी के बाद सुमित्रा का चक्रवात में आ जाना सबको चकित कर देता है !
दूसरे प्रतियोगी के रुप में सुमित्रा ने गाया -" " सब आश्चर्य
में थे , तीसरे क्रम पर आये इरफान शेर -'शीशे से शीशा ' टकराने . अच्छा गाया श्रेया मंच पर साथ दिया इरफान का। क्लासिकल पुट था....इरफान के गाने के बाद उन्हौने {इरफान ने } श्रेया के साथ बचपन में के दिन याद दिलाई । फ्रीडम फाइटर ने उनकी तारीफ की सर्वाधिक वोटिंग की सूचना मिली
१७ साल की उम्र का ऑरों के लिए खतरा "आभास " वादा रहा गा के छा गए ...... सुरक्षा चक्र में पाकर गोद में उठा लिया ।
अभिलाषा के पल-पल गाने के बाद लडकी के चक्रवात में आने पर सबको दु:ख हुआ
मिरान्दे ने जो तान छेड़ी "दिल डूबा " ..... मदमस्त आवाज सराहनीय थी ।
सुरक्षा चक्र में मिरान्दे का आना सबको अच्छा लगा ।
इश्मीत-" किसका है तुमको इंतज़ार " अच्छा था प्रभाव शाली प्रस्तुति थी । परंतु वे चक्रवात में कौन होगा
इस बात
खुलासा कराने का बोझ पाकिस्तानी मेहमान को दिया वे इस जिम्मेदारी से बचे तो श्रेया ने बताया कि
इश्मीत खतरे में हैं.....!
अंत में प्रियानी को एलिमिनेट होने की खबर ने सबको चकित कर दिया आँखें भर आयीं इंदौर के पास
जोबट कस्बा प्रियानी को वाइस ऑफ़ इंडिया बनाना चाहता था ।
जाते -जाते प्रियानी ने गाया "ये दिल सुन रहा है "
"मुझसे जो भी छूटा है इस ब्लॉग में पूरा कीजिये
"



,

6 सित॰ 2007

काँपते हाथों से जब दादा जी ने एस. एम.एस. किया


आभास को जानने वालों मे एक बुज़ुर्ग ऐसे bhee hain जो बीमारी
की वज़ह से अस्पताल में इलाज़ करवा रहे हैं..
उनके पास अपना मोबाइल तो नहीं है पर बच्चों के
सेल फ़ोन से एस. एम. एस. करातें हैं "आभास के लिए" .
आभास के चक्रवात में आने के बाद दादा जी ने बच्चों की
मदद से एस. एम. एस. करना सीखा और कर दिया
एस. एम. एस. आज वे सभी को भी बता रहे हैं ,
और पूछ भी रहे हैं एस एम. एस. किया आपने...
या वार्ड-ब्याय, डाक्टर , वग़ैरा से कभी पूछ रहे होते हैं.
या आप वी. ओ. आई. टाइप करो
फिर वही ज़ीरो फ़ाइव स्पेस देकर टाइप करना और
भेज दीजिए 57827 पर
आज आभास फिर परेशानी में है...
कल रात 10:00 से वोटिंग लाइनें
खुलेंगी आप को वोट करना है और
कराना है.....

2 सित॰ 2007

जबलपुर दुलार रहा है उसे ...!


"आभास के लिए जबलपुर की एकजुटता !" जबलपुर,२ सितंबर ०७, चक्रवात में आने के बाद आभास के दर्द को समझा संस्कार धानी के लोगों ने व्यक्तिगत ओर सामूहिक कोशिशें तेज़ कर दीं .आभास के लिए पी.आर. ओ. की भूमिका में जुटे "आभास जोशी स्नेह मंच" के सदस्यों द्वारा सघन सम्पर्क शुरू किया गया इस दौरान प्रेमसागर जैसे पिछडे इलाक़े में राजा वन्शकार के नेतृत्व में युवकों की टोली कार्य योजना बना ही चुकी थी , जबकी कुमारी मधु वन्शकार अपनी महिला मंडली को वोटिंग के तरीके बताने तथा खेरमाई मंदिर में पूजा अर्चना की व्यवस्था में व्यस्त थीं . शहर के सांसद श्री राकेश सिंह महापौर श्रीमती सुशीला सिंह , सहित २० से अधिक साहित्यिक साँस्कृतिक संस्थाएं सक्रिय हो गईँ ... ओर नए इतिहास लिखने कोशिश को नमन किया आभास के परिजनों ने

1 सित॰ 2007

jabalpur आपके साथ है...!"

स्टार-वाइस ऑफ इंडिया आभास जोशी के चक्रवात
मे आने की जानकारी मिलते ही शहर जबलपुर का
द्रवित होना लाजिमी ही था आभास जोशी स्नेह मंच के सदस्यों ने आज सघन संपर्क कर आम जनता से आभास जोशी के पक्ष मे वोटिंग
की अपील की.आभास को राखी.भेजने वाली बालिकाओं ने स्कूलों में संपर्क
कर आभास के लिए वोट करने की अपील की है. मन्च के प्रतिनिधियों
के व्दारा जब प्रेमसागर क्षेत्र के लोंगों से संपर्क किया पर जानकारी मिली कि
श्री राजा सोनकर के नेतृत्व में वंशकार बेन समाज के लोगों ने आभास को
चक्रवात से बचाने का संकल्प लिया है. जबलपुर के आभास जोशी का
एलिमिनेशन से बचाने शहर जबलपुर का सन्कल्पित होने के लिए आभास जोशी स्नेह मंच ,बावरे-फ़क़ीरा टीम , तथा जोशी परिवार ने आभार व्यक्त किया .इतना ही नहीं जबलपुर की एक 60 साल पुरानी संस्था "गुन्जन-कला-सदन" ने आभास जोशी को स्व. महेन्द्र शिमला चौधरीस्मृति सम्मान दिया जिसे उनके लिए ग्रहण किया उनके चाचा-चाची श्रीसतीश -संगीता बिल्लोरे ने . इसके बाद आभास के पिताजी रविन्द्र ऑर एक चाचा जितेन्द्र ने जब वोट अपील की तो मानस भवन में तालिओं की गूँज ही सुनाईदे रही थीजबलपुर के युवा नेता रोहित तिवारी हीरा ने एक उपवास रख कर ईश्वर से चक्रवात से निकालने की प्रार्थना की मधु वंशकार अपनी 50 सहेलियों के साथ खेरमाई मंदिर में प्रार्थना के लिए साथ गयी ,जबकि गुरु ने गेट नंबर 02 के हनुमान मंदिर मे वोट अपील के पर्चे हनुमान जी के सामने ही,रख दिए. .


गिरीश बिल्लोरे ''मुकुल"

9926471072

जबलपुर: ताजा ख़बर "आभास चक्रवात में "


आभास जोशी के चक्रवात मे आने की जानकारी मिलते ही शहर जबलपुर का द्रवित होना लाजिमी ही था . आभास जोशी स्नेह मंच के सदस्यों ने आज सघन संपर्क कर आम जनता से आभास जोशी के पक्ष मे वोटिंग की अपील की.आभास को राखी.भेजने वाली बालिकाओं ने स्कूलों में संपर्क कर आभास के लिए वोट करने की अपील की है. मन्च के प्रतिनिधियों के व्दारा जब प्रेमसागर क्षेत्र के लोंगों से संपर्क किया पर जानकारी
मिली कि श्री राजा सोनकर के नेतृत्व में वनसकार बेन समाज के लोगों ने आभास को चक्रवात से बचाने
का संकल्प लिया है. जबलपुर के आभास जोशी का एलिमिनेशन से बचाने शहर जबलपुर का सन्कल्पित होने के लिए आभास जोशी स्नेह मंच ,बावरे-फ़क़ीरा टीम , तथा जोशी परिवार ने आभार व्यक्त किया .
गिरीश बिल्लोरे ''मुकुल" 9926471072

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