मयकदा पास हैं पर बंदिश हैं ही कुछ ऐसी ..... मयकश बादशा है और हम सब दिलजले हैं !!
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23 मई 2010
ज़टिल और कुंठित पोस्ट से ब्लाग अरुचिकर हो जाते हैं
27 जन॰ 2010
हिंदी चिट्ठाकारिता :आत्म-चिंतन करना ज़रूरी है
जहां तक अनुभव शील व्यक्तित्वों की तलाश की बात है तो लगता है यह तलाश अंतर्जाल पे बंद कर देनी होगी मुझे, हर कोई हर किसी को ज्ञान और चुनौती देने में जुटा है अगर यही ब्लागिंग है तो तज़ने योग्य है लेकिन तजिए मत हजूर !
@@अनूप जी ने कहा:-''झटकों में ऊर्जा होती है और उसका सदुपयोग किया जाना चाहिये। यह बात हमने भारतीय ब्लॉग मेला से मिले झटके के संदर्भ में कही थी जिसके बाद हमने चिट्ठाचर्चा शुरू की''
यानी किसी न किसी कारण से कोई न कोई सृजन हो ही जाता है यदि महाराज ने यह कह दिया तो बस अध्यात्म कह दिया इसके बाद कोई बात शेष नहीं रहती कि आने वाली पीढ़ी को बताया जावे कि ''हम तो कह रहे हैं कि चिट्ठाचर्चा,कॉम डोमेन का प्रयोग करके चर्चा करके बतायें छत्तीसगढ़ के साथी कि देखो ऐसे किया जाता है काम। खाली घोषणायें करने से क्या होता है भाई जी!' सुकुल जी आपने यह लिखने के पहले शायद सोच तो लिया होगा कि आपकी इस वाणी के कितने अर्थ निकलते हैं.
- बड़ी गहरी बात है सभी को मानसिक हलचल हो जानी चाहिए यानि हिंदी चिट्ठाकारिता :आत्म-चिंतन करना ज़रूरी है________________________________________________
9 दिस॰ 2009
सलीम भाई कुंठा का कोई अंत नहीं है
26 मार्च 2009
मेरी और से उसके सौन्दर्य की तारीफ़ ज़रूर का देना... !!
हर तरफ से वज़नदार पोस्ट आ रहीं है,उधर अजय त्रिपाठी इधर विजय तिवारी और भाई डूबे जी क्या कहने....!विवेक रंजन श्रीवास्तव ,आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'!!,
बवाल भाई जान मुझे लगता है ये घने नहीं बज रहे हैं , इनसे निकले सुरों में गाम्भीर्य का पुट है। यानी सबके सब जबलपुर का नाम ........... खैर छोडिए ज़्यादा कहूँगा तो स्तीफा दे देने तक की नौबत आ जाती है ..... धुरंधर लिक्खाड़ में शुमार नूह की बनाई नाव पे बिराजे ब्लॉगर एन धुँआधार में नौकायन को उतारू हैं .......... अब तो आनंद ही आनंद हवे भाई।
ब्लॉग की चर्चा हो और भाई लाल साहब की चर्चा न करुँ हो इच्च नई सकता bहाई वो तो नहीं कई और हैं जो उनके नाम से लाल--पी...ले..... हो जाएंगे तो अपुन न तो यथा के रहेंगे न ही तथा के ,,,,,,,,?
इधर अपने राम का गुसल खाने से निकलना हुआ था की बरसात आ गई ..बावरे फकीरा लांच.. से फारिग होते ही वायरल की ज़कड़न और फ़िर लोकसभा चुनाव फ़िर 23अप्रेल 2009,से मैजिक ट्रेन लाइफ लाइन के लिए एडवांस तैनाती यानी इतनी गंभीर पोस्ट लिखने का मौका कम ही मिलेगा जितनी गंभीर पोस्ट उपरोक्त मित्रों ने लिखी है . सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
आप सोच रहे होंगे की इस पोस्ट में सुन्दरी का चित्र.........?
सोचते रहिए अगर मिल जाए कहीं तो मेरी और से उसके सौन्दर्य की तारीफ़ ज़रूर का देना... सच कितनी सुंदर कल्पना है चित्र कार की कितना सुंदर देख लेते हैं चित्रकार लोग है न ...?
27 मई 2008
ब्लागायण
ब्लाग भडास बनेउ पर्याया : गठरी खुल दिखी मोहे काया !
जंह देखी तंह कैंकड़ बृत्ती : लिख-लिख दरसित होवे सकती.!
नारी नाम से ब्लॉग बनाया : नामी हुई अरु नाम कमाया !
हिन्दी ब्लागर युद्धरत, करें पोस्ट से वार , कछु के आयुध भोंथरे कछु की तीखी धार।
कछु ले लांछन पोटली बनते दरसन वीर, कछु तो छोढे जा रहे गहन तिमिर में तीर।।
ब्लागिंग की निति बने, बड़े सहज बिस्बास, हिन्दी का कीजै भला छोड़ के सब बकबास॥
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16 मई 2008
भाई समीर लाल
FEEDJIT लाइव ट्रैफिक फीड,पर Toronto, Ontario arrived from blogvani.com on तो समझ लीजिए उडन तश्तरी ...., के हाथों आप पकड़ लिए गए , यानी भाई समीर लाल सबको बांचते हैं...?जी सही है वो सबको पढ़्तें हैं। जबलपुर : मध्य प्रदेश ऐसी जगह है जहाँ संस्कार उगतें हैं और छा जातें हैं विश्व पर ।भाई समीर जी आज मातृदिवस -पर सव्यसाची माँ प्रमिला देवी जो कहानी कहते-कहते सो गयी माँ .....?को याद ही कर पा रहा हूँ ....सभी औरतें जो माँ बनतीं हैं सच ईश्वर से कम होतीं भी नहीं हैं.....दुनिया रचने वाली माँ , तुमको शत शत नमन





बहुत संकुचन है। बहुत चिरकुटई।27/1/10 20:02'